अस्थमा में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं खाना चाहिए?HealthPlanet

Posted on Thu 8th Dec 2022 : 17:34

अस्थमा में क्या खाएं क्या ना खाएं-

ब्राउन राइस

ब्राउन राइस अस्थमा व फेफड़ों से संबंधी बीमारी से जूझ रहे लोगों के डायट का अभिन्न अंग होना चाहिए। यदि किसी व्यक्ति की पाचन शक्ति कमजोर है, तो ब्राउन राइस पकाते समय खास सावधानी बरतनी चाहिए, ताकि चावल को पचाने में आसानी हो। ऐसे लोगों के लिए ब्राउन राइस की खिचड़ी अच्छा विकल्प है।

दालें

दाल प्रोटीन का बेहतरीन स्रोत है। काला चना, हरी और पीली मूंग दाल, कुलथी और सोयाबीन फेफड़ों के लिए बेहतरीन दालें हैं। इनका सकारात्मक प्रभाव शरीर के अन्य अंगों पर भी पड़ता है, लेकिन ध्यान रखें कि इन दालों को अच्छी तरह पकाना बहुत जरूरी है, ताकि ये शरीर में आसानी से अवशोषित हो सकें। चूंकि, फेफड़ों और बड़ी आंत की फंक्शनिंग आपस में जुड़ी हुई होती है, इसलिए पाचन प्रक्रिया को सुचारू रखने के लिए इन दालों को अच्छी तरह पकाना बहुत जरूरी होता है। जिस भी दाल का रंग गहरा होता है, उसमें कई मिनरल्स होते हैं और उनसे पाचन संबंधी समस्याएं नहीं होती हैं।

हरी पत्तेदार सब्जियां

हमारे फेफड़ों के लिए हरी सब्जियां फायदेमंद होती हैं। जिस तरह पेड़ में पत्तियां बाहर की ओर उगती हैं, उसी तरह फेफड़ा भी शरीर के ऊपरी हिस्से में होता है और ब्रोन्कॉइटल ट्यूब्स भी पत्तियों की तरह फैले होते हैं। फाइबर युक्त हरी सब्जियों का सेवन करने से फेफड़ों में कफ एकत्रित नहीं होता, जिससे अस्थमा का अटैक होने की संभावना कम हो जाती है।

कफ को पतला करने वाली सब्जियां

सफेद और लाल मूली, कद्दू, ब्रोकोली और रतालू जैसी सब्जियों का सेवन करने से छाती में कफ जमने की आशंका कम होती है। इसके ठीक विपरीत सफेद चावल, पास्ता, चीज, मक्खन, दूध और शक्कर शरीर में जाकर कफ में परिवर्तित हो सकता है। ऐसे में तीखी और कड़वी सब्जियां, जैसे-सफेद मूली, लाल मूली, अदरक, हरी प्याज, करेला आदि कफ को गलाने का काम करते हैं। अगर आप अपने फेफड़ों और शरीर से अतिरिक्त म्यूकस यानी कफ को कम करने की कोशिश कर रहे हैं तो कड़वी सब्जियों के साथ मीठी सब्जियों का सेवन जरूर करें।

सेब

ब्रिटेन में हुए एक अध्ययन में पाया गया कि जो लोग अन्य सावधानियों के साथ-साथ सप्ताह में दो से पांच सेब का सेवन करते हैं, उन्हें अस्थमा अटैक होने का खतरा ऐसा न करने वालों की तुलना में 32 प्रतिशत कम होता है। शोधकर्ताओं के अनुसार, ऐसा सेब में मौजूद फ्लैवोनॉएड्स के कारण होता है। फ्लैवोनॉएड्स फेफड़ों तक ऑक्सीजन पहुंचाने वाले पाइप्स को खोल देते हैं।

विटामिन सी युक्त फूड्स

विटामिन सी एक ऐसा एंटीऑक्सीडेंट है, जो फ्री रेडिकल्स से हमारे फेफड़ों की रक्षा करता है। जापान में हुए एक अध्ययन से इस बात की पुष्टि हुई है कि जो लोग भरपूर मात्रा में विटामिन सी का सेवन करते हैं, उन्हें अस्थमा का अटैक होने का खतरा कम होता है। सिट्रस फूट्स, खरबूजा, संतरा, कीवी और ब्रोकोली आदि में विटामिन सी भरपूर मात्रा में होता है।

बीटा कैरोटीन

बीटा कैरोटीन अस्थमा के रोगी के लिए बहुत फायदेमंद होता है। गाजर में यह तत्व भरपूर मात्रा में पाया जाता है। इसके अलावा खुबानी, चेरी, हरी मिर्च, शिमला मिर्च और शकरकंद खाना भी लाभकारी है।

अस्थमा को बढ़ाने वाले फूड्स

अंडे, खट्टे फल, गेहूं, सोया और इससे बने पदार्थ अस्थमा रोगियों के लिए परेशानी का सबब बन सकते हैं। अस्थमा रोगियों को अपने आहार से इन खाद्य पदार्थों को बिल्कुल हटा देना चाहिए। कई लोगों के लिए खट्टे फल और अंडे फायदेमंद हो सकते हैं, लेकिन कई मरीजों में इन खाद्य पदार्थों से समस्याएं होने लगती हैं। कुछ लोगों को केला, पपीता, चावल, चीनी और दही से भी अस्थमा उभर जाता है। इसके अलावा तले हुए खाद्य पदार्थों से दूरी बनाकर रखना चाहिए। अस्थमा के मरीजों को मूंगफली खाने से भी परहेज करना चाहिए। अधिक नमक का सेवन करना भी सही नहीं होता है। साथ ही जंक फूड और डिब्बाबंद भोजन, बासी व ठंडा खाना, मक्खन आदि भी परेशानी को और भी बढ़ा सकते हैं। हालांकि, कुछ भी खाने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर ले लें।

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